Enjoy a beautiful, meditative, melodious chant
Narayan Narayan Jai Govind Hare
Narayan Narayan Jai Gopal Hare
It’s beauty lies in its simplicity and its calm, peaceful effect on the soul.
Tag: bhajan
Enjoy a beautiful, meditative, melodious chant
Narayan Narayan Jai Govind Hare
Narayan Narayan Jai Gopal Hare
It’s beauty lies in its simplicity and its calm, peaceful effect on the soul.
Little Kanha, the light of my life, is sitting sad today. He got a scolding from his mom. Oh, how can we help Him, the bestower of happiness on the whole world, regain his own.
कान्हा मेरा तू उजियारा
है बैठा, यूँ दुखियारा
की है तूने क्या कोई शरारत?
क्या तुझको है माँ ने मारा?
नटखट बैठा दुखियारा
तू ही मेरा है उजियारा
बरसाए जो हम पर सदा ही सुख
दूर करें हम उसका ये दुख
खेलें प्यारे मोहन के संग
बरसाएं उस पर प्रेम के रंग
बजाए कन्हैया मधुर मुरलिया
रंग दे वो हमको अपने ही रंग
कान्हा सबका है जो दुलारा
सबका वही जीवन सहारा
कान्हा प्यारा मेरा उजियारा
Kanha mera tu ujiyara
Kyun hai baitha, yun dukhiyara
Kee hai toone kya koi shararat?
Kya tujhko hai maa nein mara?
Natkhat baitha dukhiyara
Tu hee mera hai ujiyara
Barsaye jo hum par sadaa hi sukh
Door karein hum uska ye dukh
Kheleain pyare Mohan ke sang
Barsaaein us par prem ke rang
Bajaye kanhaiya madhur muraliya
Rang de vo humko apne hi rang
Kanha sabka hai jo dulara
Sabka vohi jeevan sahara
Kanha pyara mera ujiyara
राधा कृष्ण प्राण मोरा जुगल किशोर
जीवन मरण गति, और नाहीं मोर
कालिंदी तीरे सघन कादम्बरा वन
रतन आसन ऊपर बैठाऊँ दू-जन
स्यामा-गौरी अंग लेपूँ चन्दन गंध
चंवर ढुला के देखूं छवि मुख चंद्र
गठ मालती माला संवारूँ जुगल गले
अधर उनके धरूँ कर्पूर-ताम्बूले
ललिता विशाखा आदि सगरी सखी बृंद
आनंद ह्रदय मह, सेवा चरणारविंद
श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु दासों का दास
सेवा अभिलाषा करे ये नरोत्तम दास
(मूल कृति, बंगाली भाषा – नरोत्तम दास)
हिंदी अनुवाद त्रुटियों सहित – क्षमाप्रार्थी मुकुल)
अप्रैल १७ २०२१
मूल कृति B.R. Chopra द्वारा प्रस्तुत महाभारत TV serial की थी| उसी धुन पर आधारित यह प्रस्तुति है
चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे
कृपालु राम भगवन हे शरण में तू मुझे रख ले
अधम पापी मैं अभिमानी निर्बल और अज्ञानी
कृपा करके प्रभु मेरे अवगुण सब भुला तू दे
चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे
महिमा जो तुम्हारी है सभी गुणगान करते हैं
दया कर हे प्रभु मेरे ये महिमा पार तू कर दे
चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे
माँ शबरी निहारे बाट बुहारे रास्ते, भर आस
चल उन रास्तों पर ही शबरी की राम अब सुध ले
चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे

विभीषण त्याग पद दरबार कृपा की तेरी लेकर आस
यही अब आस संबल है विभीषण आज शरण तू दे
चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे

हृदय में भय लिए केवट, मांगे तुझसे ये वरदान
चरण-कमल पखारूँ मैं प्रभु अब तो मुझे तर दे
चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे

चरणों में प्रभु तेरे, मुझको भी प्रेम रस वर दे|
अयोध्या के राम जी की सेवा में समर्पित १/२/२०२४
धुन: – ‘सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आए हैं’’ भजन